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मंगलवार, 15 अप्रैल 2014

हरिद्वार,Haridwar

हरीद्वार...

हरीद्वार हिन्दुओ का प्रसिद्ध तीर्थस्थल है.इसे प्राचीन वेदो व ग्रंथो मे मायानगरी भी कहा गया है.हर कोई यहा आना चाहता है,यह उत्तराखण्ड मे आता है.यही पर मां गंगा समतल हो जाती है.कहने का मतलब पहाडो से उतर कर मैदानी क्षेत्र मे प्रवेश करती है. यह उतराखंड का प्रवेश द्वार भी कहलाया जाता है क्योकी हरीद्वार से ही उत्तराखण्ड के धामो(गंगोत्री,यमुनोत्री,केदारनाथ, बद्रीनाथ व हेमकुंड) की यात्रा शुरू होती है.

मां गंगा पाप को हरने वाली व मोक्ष देनी वाली है ओर गंगा मईयां का हरीद्वार को भरपूर प्यार मिला है,हरिद्वार मे मां गंगा मे नहाने के लिए बहुत घाट है पर हर की पौडी पर नहाने का महत्व ज्यादा है क्योकी यह वोही जगह है जहा पर समुंद्र मँथन के दौरान निकला अमृत की बुंदे गिरी थी ओर इस कारण ही यहा प्रत्येक 12 वे साल कुम्भ मेला व हर 4साल बाद अर्द्धकुम्भ मेला लगता है जहा पर देश विदेश से बडे बडे संत,मुनी व लोग सिरकत करने आते है.

हरिद्वार दो पहाडो के बीच मे स्थित है एक पहाड पर मां चन्डी देवी विराजमान है ओर दूसरे पहाड पर मां मन्शादेवी,यहा पर दर्शन करने के लिए पैदल रास्ता है पर  केबल कार(उडनखटौला) से आप मिनटो मे दर्शन कर सकते है.

हरीद्वार मन्दिर व आश्रमो की नगरी है यहा पर सैकडो धर्मशालाएं भी है जहा पर आप रूक भी सकते है,यहा पर रूकने के लिए सभी प्रकार के होटल भी मिल जाते है सस्ते व महंगे दोनो तरह के.

हरीद्वार के पास ही कनखल नाम की जगह भी है जो भगवान भोलेनाथ की सुसराल भी है यही वो जगह है जहा मां सती अग्नी कुंड मे समा गयी थी.क्योकी राजा दक्ष ने यज्ञ मे सभी भगवानो को बुलाया पर सती के पति व भगवान शंकर को नही बुलाया.इसलिए सती ने यहां यज्ञ की अग्नी मे अपने आप को समर्पित कर दिया.यहा पर दक्षप्रजापती महादेव का मन्दिर भी है.

हरीद्वार से हर साल सावन मास मे दूर दूर से कावंडीये भगवान आशुतोष को प्रसन्न करने के लिए कावंड के रूप मे गंगा जल ले जाते है तब यहां एक उत्सव का माहौल रहता है.

मै भी हरीद्वार बचपन से अब तक पता नही कितने मर्तबा हरीद्वार जा चुका हुं. मुझे हरीद्वार मे जाकर व गंगा जी मे नहा कर मन को शान्ति की अनुभूती होती है
शाम को हर की पौडी पर होने वाली गंगा मईयां
की आरती  को देखने के लिए हर भक्त पहले ही जगह ले लेता है नही तो खडे होने की जगह भी नही मिल पाती है,हर व्यक्ति को यह आरती देखनी चाहिए इसे देखने व उस समय का माहौल देव लोक सा प्रतीत होता है.
हरीद्वार आप कभी भी जा सकते है, यहां आने के बाद आपको मेले जैसा अनुभव होता है.हमे यहा पर गंगा जी को स्वच्छ रखने के लिए प्रसाशन द्वारा बताए नियमो को मानने चाहिए.

हरीद्वार के आस पास की जगह जहा आप जा सकते है.......

1.ऋशीकेश:
हरीद्वार से लगभग 16 किलोमीटर आगे ऋशीकेश पडता है यह भी एक धार्मिक स्थल है,यहा पर गंगा को पार करने क् लिए दो झूला पूल भी है एक राम झूला व दूसरा लक्ष्मण झूला.
यहा पर भी मन्दिर व आश्रम बहुत सख्यां मे है.
यहां गीता भवन मे गीता प्रेस वालो की दुकान भी है जहा पर सभी प्रकार की धार्मिक पुस्तके कम रेट पर मिल जाती है.
यहा से आगे खतरो से खेलने वालो के लिए गंगा जी मे रिवर राफ्टींग भी करायी जाती है जिनके आफिस मुनी की रेती पर स्थित है

2.नीलकण्ठ महादेव मन्दिर:
यहां से लगभग 25 किलोमीटर आगे नीलकण्ठ महादेव का मन्दिर है जिसकी बहुत मान्यता है,कहते है जब शंकर भगवान ने समुंद्र मंथन मे निकला विष का पान किया तब उनका कण्ठ नीला हो गया तब भोले शंकर इसी स्थान पर आकर रहे.इसलिए यह मन्दिर भगवान शंकर जी को समर्पित है.
3.देहरादून:
यह उतराखंड की राजधानी भी है यहा भी कई सारे मन्दिर व पिकनीक स्पॉट है जहा आप घुम सकते हो यहा से आप मसूरी भी जा सकते है

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9 टिप्‍पणियां:

  1. बढ़िया प्रस्तुति....कोशिश अच्छी है... लिखते रहो....

    रीतेश गुप्ता
    सफ़र है सुहाना..
    www.safarhainsuhana.blogspot.in

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    1. रीतेश जी कोशीश जारी रहेगी,प्रोहत्साहन केलिए धन्यवाद्.
      आपका ब्लॉग भी मेने पढा है बहुत अच्छा लिखते है आप,

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  2. इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.

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    1. संजय जी आपकी टिप्पणी से मुझे एक जोश मिला है लेकिन अज्ञानवशता वह टिप्पणी मुझ से हट गई है उस के लिए माफी.

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  3. बहुत बढिया
    लिखते रहियेगा

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    1. अंतर सोहिल जी आपका स्वागत है.

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  4. सचिन भाई नमस्कार ,आपका ब्लॉग देखा मन बहुत खुश हुआ ,आपका प्रयास सरहनीय है ,लेकिन अभी बहुत लम्बा रास्ता तय करना है तो निश्चित रूप से तैयारी तो करनी ही होगी।
    मेरा नाम विनय है ,मै भी एक नया बलोगर हु। काफी प्रयास के बाद एक ब्लॉग बना पाया था। अभी नई शुरुआत है कोई ज्यादा तकनीकी जानकारी भी नही है। लेकिन मन मे जोश है और आप जैसे लोगो का साथ पाकर जोश कई गुना बढ़ जाता है। मेरा निवास आपके पास ही मीत नगर मे है। मेरी योजना ये है की हम नये ब्लॉगर मिलकर एक ग्रुप बनाए -पुराने ब्लॉगर साथियो का सहयोग एवं सहायता लेकर हिन्दी ब्लोगिंग को सफलता की नई उचाई प्रदान करे।
    अगर आप मेरे विचरो से सहमत है तो अपना नंबर या मेल id -vinayapl9 @gmail .com पर send कर दे।

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    1. विनय जी ज्यादा जानकारी तो हमे भी नही है बस जैसे तैसे एक ब्लॉग बनाया ओर उस पर लिखा.हा मुझे मनु व नीरज जी से मुलाकात करने के बाद काफी होसला मिला है.आप भी ब्लॉग पर लिखे जरूर.9871852370 यह मेरा न० है

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    2. नंबर प्रदान करने के लिये धन्यवाद। आशा है जल्द ही मुलाकात होगी।

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