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Friday, April 25, 2014

ऊटी.ooty(उदगमंडलम)

21जून की सुबह 5:30 पर कोयंमबटूर रेलवे स्टैशन उतरे.स्टैशन के बाहर आते ही टैक्सी वालो ने घेर लिया.ओर हर कोई हमे टैक्सी मे बैठाने को उतारू थे पर हम भी ठहरे उत्तर भारतीय उनको चकमा देकर एक आटो मे बैठ गए(जो सात-आठ सवारी ले जाते है).आटो वाले से बोल दिया की बस स्टैंड पर ले चल जहां से ऊटी की बस मिल जाए.10 मिनट मे ही हमे उसने बस डिपो पर उतार दिया.बस खडी थी पर बताया गया की 7 बजे चलेगी.बस स्टैंड पर ही फ्रैश होकर बाहर एक होटल पर नाश्ता करने चले गए.नाश्ते मे क्या मिल सकता था वहां सिर्फ डोसा,ईडली या उत्तपम पर यहा पर सब्जी व पूरी भी थी लेकिन तैयार नही थी तो फिर डौसा खा लिया गया.नाश्ता करने के पश्चात हम वापिस बस डिपो पर आ गए.सीट पर जाकर समान रख दिया.थोडी देर मे ड्रॉयवर साहब आ गए ओर गाडी स्टार्ट कर दि अब बस मे काफी लोग आ गए थे.मैने देवांग का टिकेट भी ले लिया जबकी वो फ्री मे भी जा सकता था.
तकरीबन 7बजे के आसपास हम ऊटी के लिए रवाना हो गए.मौसम सुहाना था यहां.
कोयंमबटूर एक बडा शहर है यहा पर सिल्क की साडीयो की बहुत दुकाने है यह शहर चारो तरफ से पहाडीयो ये घीरा है जैसे देहरादून.
एयरपोर्ट भी है यहा पर.कोयम्मबटूर से ऊटी की दूरी तकरीबन 105 kmहै ओर रास्ता पुछो मत इतना सुन्दर की देखते ही रहो,रास्ते मे नारियल के बाग लगे थे जहा देखो वही नारियल,एक जगह बस रूकी जिसे चाय पीनी हो पी सकता है पर वहा पर नारियल पानी बिक रहा था मेने पुछा की कितने का नारियल वाले मे बताया की कोई भी ले लो 10रू० का 5 नारियल ले लिए,पानी से भरपूर व पानी भी बहुत मीठा हमारे यहा दिल्ली मे तो एक महिने पुराने मिलते है.बाद मे उसकी गिरी भी खाई गई.फिर हम बस मे बैठ गए ओर बस चल पडी अपनी मंजिल की ओर.

अब थोडी ठंड बढ गई थी.हल्की हल्की बारिश भी हो रही थी.बस कुन्नुर जाकर रूकी यहा से ऊटी केवल 22 km रह जाता है.कुन्नुर भी एक हिल स्टैशन है जो अग्रेजो ने बसाया था.अग्रेजो ने यहा चाय की खेती की जो आज तक यहा होती है यहा पर चाय के बहुत बागान है.सुन्दर जगह है यह भी.यहा से एक खिलौना रेल ऊटी तक चलती है.जैसी शिमला मे चलती है.

10:30 पर हम ऊटी पहुंच गए.जहा से हम अपने होटल लेक व्यू पहुंचे. नहा धौकर हमने खाने के लिए पुछा तो यहा पर चपाती व पराठे मेन्यू मे थे.खाना खाकर हम पैदल पैदल झील के किनारे किनारे सडक से नीचे चलते रहे.बहुत अच्छा लग रहा था. कयोकी हम मेन रास्ते से ना चलकर पेडो के बीच चल रहे थे.तभी हमने देखा रेल की पटरी,यहा रेल की पटरी कहा से आई.शायद पहले चलती हो यहा पर,
लेकिन थोडी देर पश्चात एक छोटी सी ट्रेन उस पर चलती आ रही थी.पुछने पर पता चला की आगे बोट हाऊस है जहा से यह ट्रेन चलती है.

हम बोट हाऊस तक जा पहुचे.तभी तेज बारिश होने लगी हमने अपने रेनकोट पहन लिए ओर ऊटी मार्किट की तरफ चल पडे.यहा बारिश कभी तेज तो कभी हल्की पडने लगती है.

यहा पर चॉकलेट की बहुत दुकाने है या ये कहे की लगभग हर दुकान पर चॉकलेट मिलती है चाहे वो कपडो की दुकान हो या फल या किराने की दुकान.यह चॉकलेट यही पर बनती है हमने भी थोडी सी चॉकलेट खाई,स्वाद अच्छा था.

ऊटी नीलगिरी पहाडी पर सबसे ऊंचा हिल स्टैशन है.यह दक्षिण भारत का सबसे ऊंचा व ठंडा स्थान है,यहा जून मे भी दिल्ली की सर्दी याद आ गई.अगर तापमान नापने का यंत्र होता तो कम से कम 6-7 डिग्री निकलता.यहा पर बादल कभी ऊपर तो कभी नीचे ऐसा ही खेल दिखाते रहते है.हरीयाली से भरपूर ये पहाड सब का मन मोह लेने वाले है. यहां कभी भी आ सकते है मौसम मजेदार ही मिलेगा.
यहा पर कई गार्डन है जैसे रोज गार्डन व बोटनिकल गार्डन.यहा पर एक रेलवे स्टैशन भी है जिसपर टोयट्रेन चलती है,यहा पर एक झील भी है जो तीन km क्षेत्र मे फैली है उसी के पास एक डियर पार्क भी है.घुमने के लिए काफी जगह है यहा,फिल्मो की सुटिंग के लिए यह एक आदर्श जगह है.

शाम होने के कारण अब ठण्ड बढने लगी थी,हम गरम कपडे नही ले गए थे पर अपने व बच्चो के गरम इनर रख लिए थे, लेकिन हमने मार्किट से अपने लिए व बच्चो के लिए गर्म कपडे खरीद ही लिए.
यहा हमे एक पंजाबी होटल भी मिला हमने उससे कुछ खाना पैक करा लिया ओर रात 7:30 के करीब होटल आ गए.होटल मे आ कर खाना खाया.
रोज डोसा खाकर मन ऊब चुका था तो यह खाना बडा स्वादिस्ट लगा.
कल कहां कहां जाना है इस पर भी विचार हुआ.ओर सोने के लिए चले गए.

यात्रा जारी है........

9 comments:

  1. ऊटी अभी तक देखा नहीं है

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  2. संदीप जी व विशाल जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद मेरा ब्लॉग पढने के लिए.

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  3. वाहा सचिन भाई आज की पोस्ट पढ़कर तो मजा आ गया। बेहतरीन फोटो एवं शानदार यात्रावृतांत। लेकिन अभी भी यात्रावृतांत मे विस्तार आवश्यक हैं।

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  4. बेहतरीन शानदार .......बहुत ही खूबसूरत हैं....... पोस्ट पढ़कर मजा आ गया।

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  5. बढिया यात्रा और वृतांत साथ में सुंदर चित्र

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  6. आप सब से ही प्रेरणा ली है.

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  7. सचिन जी धन्यवाद इतनी अच्छी जानकारी देने के लिऐ

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    1. आपका भी बहुत धन्यवाद नवल किशोर जी।

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