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रविवार, 4 अगस्त 2019

Vridh badri temple, वृद्धबद्री मंदिर

वृद्धबद्री मंदिर 
उत्तराखंड , चमोली 
वृद्ध बद्री मंदिर ,उत्तराखंड 


उत्तराखंड के जोशीमठ से तक़रीबन 7 km पहले एक गांव अनिमठ(अनीमथ ) पड़ता है। ये गांव मुख्य मार्ग से बस कुछ ही फासले पर नीचे बसा है। यह गांव चमोली जिले में है। यहां पर भगवान विष्णु की वृद्ध रूप में पूजा की जाती है। पुरानी मान्यताओं और मंदिर के पंडित जी के अनुसार इस जगह पर देवऋषि नारदजी ने भगवान विष्णु के दर्शन के लिए तपस्या की थी। और भगवान विष्णु जी ने नारद जी को इसी स्थान पर प्रसन्न होकर  वृद्ध (बूढ़े) रूप में दर्शन दिए थे। इसलिए इस स्थान को वृद्ध बदरी कहा गया है। उत्तराखंड में कुल सात बदरी है जिनमे सबसे पुराने बद्री यही है। कहते है कि वृद्ध बद्री की मूर्ति जो श्याम रूप (काले रूप) में है ये मूर्ति बहुत प्राचीन है और भगवान विश्वकर्मा जी के द्वारा निर्मित है। ये मंदिर बद्रीनाथ धाम जी से भी पुराना माना गया है। इस मंदिर से अन्य कथा भी जुड़ी हुई है लेकिन उन्हें जानने के लिए यहाँ एक बार आपको आना ही पड़ेगा। वैसे मंदिर एक छोटे से गांव में बसा है। वृद्धबद्री मंदिर समुन्द्र तल से लगभग 1450 मीटर ऊंचाई पर स्तिथ है इसलिए यहा मौसम शीतल ही रहता है। आसपास पेड पौधों की भरमार है, शांत माहौल है। आपको यहां आना और ये सब देखना अच्छा लगेगा।
बद्रीनाथ वाले  मुख्य रोड पर ही यह मंदिर है, इसलिए जब भी आप बद्रीनाथ जी की यात्रा पर आए तब आप इस मंदिर को देखने आ सकते है। वृद्ध बदरी के कपाट पूरे साल खुले रहते है। जोशीमठ से 7 km पहले ही यह मंदिर है। और चमोली गोपेश्वर से वृद्धबद्री की दूरी 60 km है।


मंदिर की स्तिथि बताता एक बोर्ड। 

मंदिर के बारे में बताता एक बोर्ड 

मैं सचिन त्यागी वृद्धबदरी मंदिर पर। 

वृद्ध बद्री मूर्ति दर्शन 



8 टिप्‍पणियां:

  1. वाह ! गज़ब !! सचिन भाई ये जानकारी बहुत प्रिय लगी। मैं दो दिन रहा हूँ जोशीमठ में लेकिन इसके बारे में पता ही नहीं था !! बेहतरीन पोस्ट

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    1. धन्यवाद योगी जी। जी सही कहा आपने इस मंदिर का ज्यादा पता लोगो को है ही नही।

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